संवाद न्यूज एजेंसी
मेजवां। फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में शनिवार को ईद के चांद दिख गया। चांद दिखने के बाद लोगों ने अपने परिवार और मुल्क की सलामती के लिए दोवा ख्वानी की। रमजान को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह का माहौल है। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। शनिवार को रमजान का चांद नजर आया। ऐसे में अब माह-ए-रमजान का पहला रोजा रविवार को रखा जाएगा। रमजान को लेकर घरों से लेकर बाजारों तक में उत्साह है। मस्जिदों और ईदगाहों में भी रंगाई पुताई और सफाई कराई जा रही है। कस्बे में सर्वाधिक मांग खजूर, सेवईं, मेवे और अन्य मिष्ठान की है। नगर से लेकर गांव, चौराहों तक सेवईं और खजूर के स्टॉल लग गए हैं। बीते वर्ष की तुलना में सेवईं और फैनी आदि के दामों में खास अंतर नहीं है। पहले रोजे के साथ ही सामान की बिक्री शुरू हो हो गई है। पिछले वर्ष जो सेवईं सौ रुपए, एक सौ पचास रुपए किलो तक थी, आज सभी की कीमतों में पच्चीस से चालीस रुपये तक की वृद्धि हुई है। मौलाना शकील फराज ने बताया कि रोजा इबादत का तरीका है। अल्लाह को खुश करने के लिए लोग रोजे रखते हैं। इन दिनों में लोग नेक कामों के साथ ही जरूरतमंद लोगों की सहायता एवं दान देने में भी आगे आते हैं। उन्होंने बताया कि दो मार्च से रमजान का पहला रोजा है।