पशुधन स्वस्थ्य एवं पशु रोग नियंत्रण योजना अंतर्गत 201 करोड़ रूपये की लागत से 520 मोबाइल वेटनरी यूनिट टोल फ्री हेल्पलाइन -1962 का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण डीएम की उपस्थिति में एनआईसी आजमगढ़ में किया गया। कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की समाप्ति के बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के सामने मोबाइल वेटनरी यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में पशुओं के इलाज के लिए अब पशुपालकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा, बल्कि उनके दरवाजे पर ही पशुओं का इलाज होगा। जनपद में आठ मोबाइल वेटरनरी यूनिट का संचालन शुरु किया गया है। जो घर-घर जाकर पशुओं का इलाज करेंगे।
सीवीओ डॉ. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि जिले में पशु संख्या के आधार पर यूनिट सौंपी गई है। इसकी निगरानी सीधे लखनऊ से होगी। पशुपालकों को टोल फ्री नंबर 1962 पर फोन करना होगा। मोबाइल यूनिट सीधे पशुपालक के दरवाजे पर पहुंचेगी। मोबाइल वेटरनरी यूनिट में दवा के साथ ही इलाज के सारी व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। सेवा के जरिए पशुओं के इलाज बेहतर ढंग से हो सकेगा। बीमार होने पर किसान को पशुओं को पशु चिकित्सालय नहीं जाना पड़ेगा।
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वेटरनरी वैन में होगा इलाज
आजमगढ़। प्रत्येक मोबाइल वेटरनरी यूनिट में एक पशु चिकित्सक, एक सहायक और एक ड्राइवर तैनात रहेंगे। पशुओं के गोबर, मूत्र व खून के परीक्षण की सुविधा भी होगी। मौके पर जांच के बाद पशु चिकित्सक इलाज व दवाएं देंगे। छोटे जानवरों के आपरेशन के लिए ओटी की भी सुविधा है। सुबह आठ बजे से सेवा रहेगी। इसका रूट मैप तैयार किया गया है। जहां अस्पताल हैं उसके तीन किमी के एरिया में यह सुविधा नहीं रहेगी।