श्रीसन्यासी संस्कृत महाविद्यालय रजादेपुरमठ जीयनपुर में प्रबंधन द्वारा दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इस नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायत पूनापार बड़ागांव निवासी दीपक सिंह ने राज्यपाल और कुलपति से की है। कुलपति के निर्देश पर मामले में डीआईओएस ने प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं नोटिस जारी कर जिम्मेदार भूल भी गए हैं। दीपक सिंह ने बताया कि उक्त महाविद्यालय में दो भर्ती हुई है, जो मृतक आश्रित पर हैं। उनका आरोप है कि एक महिला शिक्षक की नियुक्ति कर दी गई है जबकि नियुक्ति पाने वाली महिला मृतक की आश्रित नहीं है। सीधे-सीधे यह भर्ती फर्जी है। इसी प्रकार नियमों की अनदेखी कर सहायक अध्यापक के पद पर एक व्यक्ति की नियुक्ति हुई है। जबकि विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम के अधीन शिक्षक पद पर नियुक्ति का अधिकार मात्र संपूर्णानंद संस्कृत विश्व विद्यालय में निहित है। इसे लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कारण बताओ नोटिस भी जारी की गई लेकिन विद्यालय प्रबंधन के गलत मंसुबों के कारण उक्त प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं की गई।