शहर के दलाल घाट स्थित मजार पर चादर पोशी करते जाते मुस्लिम समाज के लोग।
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आजमगढ़। दलालघाट स्थित मौलाना याकूब बाबा का सालाना उर्स वृहस्पतिवार को अकीदतमंद ने बड़ी ही अकीदत के साथ मनाया। लोगों ने उनके मजार पर चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगी। देर रात तक अकीदतमंद कव्वाली का लुत्फ उठाए। सर्व प्रथम प्रात: काल कुरआनख्वानी हुई। मजार शरीफ के मुजावर शकील अहमद के नेतृत्व में शाम साढ़े चार बजे तकिया से गागर-चादर का जुलूस कव्वाली के साथ निकाला गया, जो तकिया से कोट, कोट से दलालघाट होते मजार शरीफ तक पहुंचा जहां चादरपोशी की गई। जिनकी मन्नते पूरी हुई थी उन्होंने मजार पर चादर चढ़ाया और फातिहा पढ़ कर सलामती की दुआ मांगी। मजार शरीफ पर देर रात तक पर हो रही कव्वाली का लोगों ने लुत्फ उठाया और लंगर खाया। कार्यक्रम के संयोजक और मुजावर शकील अहमद ने बताया कि मौलाना याकूब बाबा की मजार पर दिल से मन्नत मांगने वालों की मुरादे अवश्य पूरा होती है। उर्स में सहयोग करने वालों नन्हू, आफताब आलम कुरैशी, मुन्ना, उबैद खान आदि रहे। इस अवसर पर देर रात तक मजार पर फातिहा पढने वालों का तांता लगा रहा।