अंजुमन मासूमिया के तत्वावधान में सोमवार रात शिया आबादी में खामनेई की शहादत की याद में मजलिस-ए-अजा का आयोजन किया गया। मजलिस में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। मजलिस को संबोधित करते हुए सैय्यद शाहिद हुसैन ने शहीद खामेनेई की शख्सियत और उनकी सेवाओं पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि सैय्यद अली खामेनेई कौम के रहबर थे और उनकी शहादत केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरी उम्मत के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। मजलिस के बाद इमामबाड़ा परिसर के बाहर लोगों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस मौके पर अंजुमन मासूमिया से जुड़े पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।