विद्युत उपकेंद्र मोहब्बतपुर का शुक्रवार की आधी रात के बाद मुख्य लाइन का तार टूट गया। इससे करीब एक दर्जन गांवों की बिजली ठप हो गई। सुबह 10 बजे जब बिजली बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली। उमस भरी गर्मी में लोग रातभर परेशान रहे।
उपकेंद्र मोहब्बतपुर में दो फीडर शाहगढ़ और बम्हौर बने हैं। दोनों फीडरों पर दो दर्जन से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। शुक्रवार की रात करीब साढ़े बारह बजे महलिया गांव के पास मुख्य लाइन का तार टूट गया। इससे शाहगढ़ फीडर के शाहगढ़, रौजा, महलिया, जमुड़ी, सरदारपुर राजपूत, दौलतपुर, बैठौली सहित एक दर्जन गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। इंतजार करते सुबह हो गया, करीब सात बजे बिजली तो आई लेकिन 10-15 मिनट के बाद फिर कट गई।
महलिया गांव के पास मुख्य लाइन का तार रात में टूट गया था। इससे पांच-छह गांवों में आपूर्ति ठप थी सुबह सात बजे तार को ठीक कर आपूर्ति बहाल की गई थी। लेकिन रोस्टिंग के कारण फिर 10 बजे तक बिजली कटी थी। - सत्येंद्र कुमार, अवर अभियंता।
लो वोल्टेज से नहीं चल पा रहे ट्यूबवेल
लालगंंज क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र जिरिकपुर में बिजली आपूर्ति के लिए पांच एमबीए के ट्रांसफार्मर की अभी तक क्षमता वृद्धि नहीं हो सकी है। इसके कारण लो वोल्टेज, ट्रिपिंग की समस्या से उपभोक्ता परेशान हैं। लो वोल्टेज के कारण किसानों के ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे। धान की रोपाई बाधित हो गई है। इस उपकेंद्र से 35 गांवों को बिजली की आपूर्ति की जाती है।