अंबारी। स्थानीय बाजार में शुक्रवार की रात भगवान विष्णु की आरती के साथ श्रीराम लीला शुरू हुई। कलाकारों ने नारद मोह सहित कई कथाओं का मंचन किया। नारद ऋषि की हिमालय पर्वत की गुफा में चल रही तपस्या से देवराज इंद्र का सिंहासन हिलने लगा।
इंद्र ने नारद की तपस्या भंग करने में लग गए। कामदेव, रंभा और अप्सराएं नारद की तपस्या भंग करने में सफल नहीं हुईं। जिससे नारद को घमंड हो गया। नारद का धमंड चूर करने के लिए भगवान विष्णु ने माया नगरी की रचना की। मायानगरी की रूपवती पर नारद मोहित हो जाते हैं। रूपवती सुंदरी से शादी करने का विचार करके नारद ने भगवान विष्णु से हरि का रूप मांगा। नारद का बंदर रूप देख दर्शक हंसते हंसते लोट पोट हो गए। वहीं वादन कलाकरों ने अपनी सधी हुई प्रस्तुतियां प्रभु श्रीराम में चरणों में समर्पित किया। इस मौके पर राजेश यादव, धर्मराज, चंचल यादव, अनिल सोनकर, त्रिलोकी नाथ चौबे, दिलीप पांडेय आदि मौजूद रहे।