आजमगढ़। हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी होने के बाद 13 साल बाद अदालत ने शुक्रवार को तीन दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन ओम प्रकाश वर्मा की अदालत ने सुनाया।
अभियोजन कहानी के अनुसार वादिनी मुकदमा कांति सिंह पत्नी जितेंद्र सिंह निवासी टोडरपुर थाना मेंहनगर की गांव के ही चंद्रमन यादव आदि से पुरानी रंजिश थी। बरसों पहले चंद्रमन के पिता राम जियावन की हत्या हुई थी। इस हत्या में कांति सिंह के पति जितेंद्र सिंह मुल्जिम थे। 25 मई 2012 को जितेंद्र सिंह दोपहर को दवा लेकर घर आ रहे थे। तभी गांव के पास चंद्रमन यादव, रामशब्द यादव, राकेश और मनोहर ने गोली मार दी। जिससे मौके पर ही जितेंद्र सिंह की मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की। सुनवाई के दौरान मुकदमे के आरोपी चंद्रमन की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक कुमार मिश्रा ने कांति सिंह, दयाशंकर, उप निरीक्षक जगदीश कुशवाहा, डॉक्टर एजे उस्मानी, विवेचक रामकृष्ण द्विवेदी, कांस्टेबल अरविंद यादव तथा हेड कांस्टेबल जलील अहमद को बतौर साक्षी न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने दोषी राकेश यादव, मनोहर यादव और रामशब्द यादव को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर बीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया।