हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दामाद के हत्यारोपी ससुर को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। शुक्रवार को यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक सतीश चंद्र द्विवेदी ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कमलेश निवासी बड़ागांव, थाना जीयनपुर के निवासी थे। कमलेश की शादी नीरू पुत्री झिन्नू राम निवासी कंजरा दिलशादपुर, थाना जीयनपुर के साथ हुई थी। नीरू आर्केस्ट्रा में काम करती थी, जिसको लेकर कमलेश नाराज रहता था। इस मतभेद के कारण जब विवाद बढ़ा तब नीरू और उसके घर वालों ने कमलेश के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। कमलेश का एक घर बड़ागांव से थोड़ी दूर पर रजादेपुर में था। आठ जून 2009 की रात कमलेश रजादेपुर स्थित घर से बड़ागांव वाले घर आ रहा था । घर से थोड़ी दूर पहले ही झिन्नू राम व दो अज्ञात लोगों ने कमलेश की गोली मार कर हत्या कर दी।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी झिन्नू राम के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडेय ने वादी मुकदमा समेत कुल आठ गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी ससुर झिन्नू राम को आजीवन कारावास व बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।