वर्ष 2005 में महाराजगंज थाना क्षेत्र के जमीलपुर गांव में ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश को लेकर की गई हत्या के मामले में दो आरोपियों को अदालत ने दोषी पाते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 27-27 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसी मामले के तीन अन्य आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। सोमवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश सतीषचंद द्विवेदी की अदालत ने सुनाई। मुकदमें के अनुसार, जमीलपुर गांव के हरिराम से रमेश से ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश चल रही थी। घटना की शाम लगभग चार बजे हरिराम के घर के पीछे सुनील कुमार की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के पिता हरिराम ने गांव के रमेश सिंह, राकेश सिंह, रणविजय सिंह व संतोष पुत्र सुधीर सिंह, संतोष पुत्र केदार सिंह के विरूद्ध स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस और सीबीसीआईडी ने जांच कर पांचों के आरोपियों के विरुद्ध आरोप न्यायालय में पेश किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद पांडेय व निर्मल शर्मा ने वादी हरिराम, सीबीसीआईडी इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सुरेश मिश्रा समेत कुल छह गवाहों को अदालत में पेश कर तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद संतोष पुत्र सुधीर और संतोष पुत्र केदार को हत्या का दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।