अपर सत्र न्यायाधीश रामानंद की अदालत ने हत्या के आरोपी को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जबकि इसी मामले के तीन अन्य आरोपियों की मुकदमा कार्रवाई के दौरान मौत हो चुकी थी।जानकारी मुताबिक, मसुरियापार गांव निवासी प्रदीप शुक्ला ने 29 अप्रैल 2006 में थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया था। आरोप था कि घटना की शाम छह बजे वह गन्ने के खेत से काम कर लौट रहा था। रास्ते में विपक्षी रामचंदर यादव, रामाश्रय यादव, रामशंकर यादव, अयोध्या यादव निवासी मसूरियापार ने पिता राम अवध शुक्ला की हत्या कर दी। उपरोक्त नामजदों के विरूद्ध थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। आरोपी रामाश्रय यादव, रामशंकर यादव, अयोध्या यादव की मृत्यु हो चुकी है। वहीं एक अभियुक्त रामचंदर यादव को अपर सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रूपये का अर्थ दंड लगाया है।