हत्या के चार आरोपियों को दोषी पाते हुए अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को 25-25 हजार रूपए का अर्थदंड भी लगाया। मंगलवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट रमेश चंद्र की अदालत ने सुनाई। घटना मेंहनगर थानाक्षेत्र की है। मामले में सरदारपुर गांव निवासी रामबचन चौहान ने स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना क्रम के अनुसार, 15 नवंबर 2017 की शाम लगभग साढ़े पांच बजे बरवा सागर गांव निवासी मुकेश की मोटर साइकिल लालता बढ़ई के लड़के से टकरा गई। वादी का पौत्र रवि उर्फ गंजा दवा के लिए लालता बढ़ई को घटना स्थल से उठाकर ले गया। साथ ही रवि ने मुकेश को ठीक से मोटर साइकिल चलाने की सलाह दी। इसी बात को लेकर उदय सिंह उर्फ करिया, मुकेश, नंदलाल व पंकज ने रवि पर चाकू से हमला कर दिया। रवि को बचाने के लिए महेश व विकास पहुंचे तो हत्यारोपियों ने उसको भी बुरी तरह मारा। उपचार के लिए ले जाते समय रवि की मौत हो गई। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह पटेल, प्रमोद कुमार पांडेय और बंश गोपाल सिंह ने गवाहों को पेश किया और तर्को को रखा। बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद न्यायाधीश ने चारों आरोपियों को हत्या के जुर्म में दोषी पाया और उक्त सजा सुनाई।