आजमगढ़। करीब 13 वर्ष पुराने भ्रष्टाचार के मामले में विशेष न्यायालय ने एक राजस्व लेखपाल को दोषी ठहराते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला शनिवार को एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट अजय शाही ने सुनाया। अभियोजन के अनुसार 12 दिसंबर 2013 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई गोरखपुर के निरीक्षक एनपी गौड़ की तहरीर पर बरदह थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि तत्कालीन लेखपाल मनपूजन चौहान भूमि प्रमाणपत्र बनाने के एवज में 500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़े गए थे। मामले में थाना बरदह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद एएसजे/स्पेशल जज (एंटी करप्शन) कोर्ट संख्या-1, आजमगढ़ ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी मनपूजन चौहान को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषसिद्ध पाए जाने पर आरोपी को छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में नियमानुसार अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस निर्णय को भ्रष्टाचार के मामलों में प्रभावी अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।