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वरासत में नाम दर्ज कराना होगा आसान

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आजमगढ़। वरासत के लिए तहसीलों और लेखपालों का चक्कर काटने से लोगों को निजात मिलेगी। इसके लिए दो माह का विशेष अभियान मंगलवार से शुरू होगा। जो 15 फरवरी तक चलेगा। जिन लोगों को वरासत मे नाम दर्ज कराना है वह लेखपालों को अपने प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। अभियान के दौरान निर्विवादित वरासतों का निस्तारण किया जाएगा। आवेदन पत्रों के अग्रसारण व उस पर की जा रही जांच आख्या की कार्रवाई ऑनलाइन की जाएगी। संक्रमणीय भूमिधरी व अविवादित वरासत दर्ज करने के लिए इस अभियान की शुरूआत की गई है। इस अभियान के दौरान राजस्व कर्मी व तहसील स्तरीय अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर राजस्व ग्रामों में प्रचार-प्रसार करते हुए खतौनियों का पढा जाएगा। इसके बाद लेखपाल प्रार्थना पत्र प्राप्त कर उन्हें आनलाइन भरेंगे। क्षेत्रीय लेखपाल दी गई व्यवस्था के अनुसार इसकी जांच करेंगे। फिर राजस्व निरीक्षक जांच एवं आदेश पारित करने की प्रकिया पूरी करेंगे। राजस्व निरीक्षक नामान्तरण आदेश को आर-छह में दर्ज करने के बाद खतौनी की प्रविष्टियों को भूलेख साफ्टवेयर में अपलोड करेंगे। सारी प्रक्रियाओं के बाद लेखपाल द्वारा डीएम को प्रमाण पत्र दिया जाएगा कि उनके क्षेत्र में कोई भी वरासत का प्रकरण अवशेष नहीं है। सीआरओ हरीशंकर ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वरासत के लिए लोगों को तहसील का चक्कर न काटने देना है। अब कोई भी वरासत कराने से बाकी नहीं रह जाएगा। अभियानू पूरा होने के बाद इसकी जांच की जाएगी। अगर कहीं गड़बड़ी मिलती है तो लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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