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Azamgarh News: टोंटी लगाकर छोड़ दी, महीनों बाद भी नहीं पहुंचा पानी

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आजमगढ़। जल जीवन मिशन योजना के तहत गांवों में घरों तक टोंटी तो लगा दी गई है, लेकिन महीनों बाद भी उसमें पानी नहीं है। अब परेशान ग्रामीण हर रोज टोंटी में पानी का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण आबादी को घरों तक नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिले में वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन योजना पर काम चल रहा है। 1465 पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से 6.30 लाख घरों को नल का कनेक्शन दिया जाना है। इसमें 19369 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी है। पेयजल परियोजनाओं पर सात कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं। इनके द्वारा पहले ओवरहेड टैंक का निर्माण न करके तेजी से पाइप लाइन बिछाकर नल का कनेक्शन दिया जा रहा है। जबकि ओएचटी का निर्माण पीछे है। अभी तक 300 ओएचटी का निर्माण पूरा हो पाया है। योजना का 78 प्रतिशत काम पूरा हो पाया है। लेकिन ओएचटी का निर्माण पूरा न होने से अधिकांश नलों में अभी तक पानी नहीं पहुंच रहा है। सठियांव, अहरौला, पवई, पल्हनी, मिर्जापुर, रानी की सराय, बिलरियागंज, महाराजगंज, हरैया सहित अन्य ब्लॉकों के राजस्व गांवों में 630332 की तुलना में पांच लाख कनेक्शन दिया जा चुका है लेकिन गांवों में पानी नहीं पहुंचा है। 450 राजस्व गांवों में नियमित जलापूर्ति का विभाग दावा कर रहा है। जबकि अधिकांश गांवों में योजना के तहत लगाई गई टोंटी सूखी रह गई है। कहीं- कहीं तो टोंटी वाली पाइप नीचे गिर गई है। इसके अलावा कई जगहों पर पाइप लाइन से कनेक्शन के लिए नीली पाइप निकाल दी गई है। लेकिन कनेक्शन अभी तक नहीं दिया गया है।
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रायशुमारी

फोटो संख्या- 12

ओएचटी के निर्माण से पूर्व ही पाइप लाइन बिछाकर नल का कनेक्शन दे दिया गया है। कई महीनों बीत गए लेकिन अभी तक पानी नहीं आया है। हर रोज नल में पानी आने का इंतजार करते हैं।

- आसिफ अंसारी पवई

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फोटो संख्या- 13

पहले ओएचटी का निर्माण होना चाहिए था लेकिन पहले घरों के सामने टोंटी ही लगा दी जा रही है। जिसके कारण कई जगहों पर पाइप लाइन धंस गई है। टूटे रोडों को भी उसी तरह से मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है।
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- शिवभोला सिंह, अहरौला
कोट

कार्यदायी संस्थाओं को ओएचटी निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। दिसंबर तक पेयजल परियोजनाओं को पूरा करना है। 300 ओएचटी का निर्माण पूरा हो चुका है। पाइप लाइन या कनेक्शन में कोई खराबी आती है तो उसे संबंधित कार्यदायी संस्था ही फिर बनाएगी।
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- हेमंत सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।
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