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Azamgarh News: प्रतिबंधित सिमी के अंतिम राष्ट्रीय अध्यक्ष का निधन

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प्रतिबंधित सिमी संगठन के लिए आजीवन अदालत में लड़ने वाले संगठन के आखिरी राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहिद बद्र फलाही का शनिवार को शहर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे और नगर कोतवाली क्षेत्र के मनचोभा गांव के रहने वाले थे।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मनचोभा गांव निवासी डाॅ. शाहिद बद्र ने अलीगढ़ विश्वविद्यालय से बीयूएमएस कर डाॅक्टरी की डिग्री हासिल की थी। वह बदरका में प्रैक्टिस करते थे। ''''स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया'''' यानी ''''सिमी'''' का गठन वर्ष 1977 के अप्रैल माह में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। अमरीकी राज्य इलिनोय के एक प्रोफेसर मोहम्मद अहमदुल्लाह सिद्दीक़ी को संगठन का संस्थापक बताया जाता है। भारत में इस संगठन पर वर्ष 2001 में प्रतिबंध लगा दिया गया था। फिर दो अलग-अलग बार इसे प्रतिबंधित करने के अध्यादेश भारत सरकार ने जारी किए। प्रतिबंध से पूर्व डाॅ. शाहिद बद्र फलाही सिमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। 27 सितंबर 2001 को केंद्र सरकार ने सिमी पर प्रतिबंध लगा दिया। पांच साल के लिए लगा प्रतिबंध आज तक खत्म नहीं हुआ। प्रतिबंध लगने के चलते सिमी का चुनाव नहीं हुआ और कोई दूसरा राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं हुआ। तभी से डॉ. शाहिद बद्र फलाही सिमी पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने का केस कोर्ट में लड़ते रहे।

एक मामले में 2019 में हुई थी गिरफ्तारी
आजमगढ़। गुजरात में अप्रैल, 2001 में उनकी एक सभा के दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प के मामले में सितंबर, 2012 में इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इस मामले में गुजरात पुलिस ने सितंबर 2019 में जनपद पुलिस के साथ इनके मनचोभा स्थित आवास पर पहुंचकर गिरफ्तार किया था।
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कुछ समय के लिए हटा फिर लगा प्रतिबंध
आजमगढ़। सिमी को पहले वर्ष 2001 के सितंबर माह में प्रतिबंधित किया गया था और उस समय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे डाॅ. शाहिद बद्र फलाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। चार साल जेल में रहने के बाद वह रिहा हुए। रिहा होने के बाद से वह संगठन से प्रतिबंध को हटाने के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ते रहे।
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