आजमगढ़। ई-केवाईसी के बावजूद किसान सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता नहीं आ रही है। जनपद में अपात्र लोगों को भी किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। कृषि विभाग अब तक ऐसे लोगों को चिह्नित नहीं कर पाया है।
जनपद में 7,37,871 किसानों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना के तहत वर्ष में तीन बार दो-दो हजार रुपये पंजीकृत किसानों के खातों में भेजा जाता है। हाल यह है कि इस योजना का कई ऐसे लोग भी लाभ उठा रहे हैं, जिनके पास कृषि योग्य भूमि ही नहीं है। या फिर वे इनकम टैक्स के दायरे में हैं। कुछ तो ऐसे किसान हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है लेकिन उनका नाम सूची में है। हालांकि शासन से अपात्र लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। आयकर की श्रेणी में आने वाले किसानों का सरकार ने ऊपर से ही ब्योरा निकाल कर जिलों को रिकवरी के लिए भेेज दिया है। जिन किसानों की मृत्यु हो गई है या फिर भूमिहीन होते हुए भी सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। उनसे भी रिकवरी होनी है। अपात्र किसानों को चिह्नित करने के लिए ई-केवाईसी करवाई जा रही है। जनपद में 737871 किसानों में से दो लाख से अधिक किसानों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। ई-केवाईसी न कराने वाले किसान ही संदेह के घेरे में हैं। दूसरी ओर भूमिहीन व मृत हो चुके किसानों को चिह्नित करने के लिए तहसीलों में लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा भूलेख अंकन का काम काफी धीमी गति से चल रहा है, इससे अब तक जिले में अपात्र किसान चिह्नित नहीं किए जा सके हैं।