जनपद की नई महायोजना 2031 लागू हो गई है। इस महायोजना के लागू होने से जहां लोगों ने राहत महसूस की है। वहीं अगर इस महायोजना पर नजर डालें तो कई ऐसे क्षेत्र जहां बदलाव न होने की बात कही जा रही थी। उन क्षेत्रों का भी भू-उपयोग परिवर्तित कर दिया गया है।
पुरानी महायोजना 1985 और 2011 में नरौली क्षेत्र में पुरानी जेल के जमीन आरक्षित की गई थी। लेकिन सपा शासन काल में जेल को इटौरा में शिफ्ट कर दिया गया। इसके कारण यह जमीन उसी तरह से आरक्षित पड़ी रही। नई महायोजना 2031 में इसके भू-उपयोग में परिवर्तन करते हुए अब इसे आवासीय और क्रीड़ा पार्क में तब्दील कर दिया गया है। इसी तरह से जनपद के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित रोडवेज के आबादी के बीच होने पर आवागमन में परेशानी को देखते हुए 1985 और 2011 महायोजना में शहर के बाहरी क्षेत्र नरौली में इसके लिए जमीन आरक्षित की गई थी। सपा शासन काल में पुराने रोडवेज को तोड़कर जब नया बस अड्डा बना दिया गया तो यह जमीन उसी तरह से पड़ी रही। धीरे-धीरे यह जमीन भी आबादी के बीच हो गई। जिसके कारण यहां बस अड्डा नहीं बन सका। वर्तमान में दो बस अड्डे के निर्माण के लिए जमीन की तलाश भी की जा रही है। जब इस जमीन का कोई उपयोग नहीं रह गया तो इस जमीन का नई महायोजना 2031 में भू-उपयोग परिवर्तित कर दिया गया। अब इस जमीन को मिश्रित आबादी क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।
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पुरानी महायोजना में जेल और रोडवेज के निर्माण के लिए जमीन आरक्षित थी लेकिन नई जेल इटौरा में बनने के बाद यह जमीन बेकार पड़ी थी, जिसे देखते हुए इसका भू-उपयोग परिवर्तित किया गया है। वहीं रोडवेज के लिए आरक्षित जमीन आबादी के बीच आ गई थी, जिसके कारण नई महायोजना में इसका भी भू उपयोग परिवर्तित कर दिया गया है। - प्रवीन श्रीवास्तव, एई एडीए।