आजमगढ़। बूढ़नपुर तहसील के टहरकिशुन देवपुर गोपालगंज के लालबहादुर चौरसिया''''लाल'''' की लिखी कविताएं आईसीएसई व सीबीएसई में शामिल हुए हैं। जिसे फाइव फिंगर्स एजूकेशन प्रा.लि. प्रकाशन से प्रकाशित किया जा रहा है।
आजमगढ़ की साहित्यिक उर्वरायुक्त धरती, जहां पर पं. अयोध्या प्रसाद उपाध्याय हरिऔध, पं. श्यामनारायण पांडेय, पं.राहुल सांकृत्यायन, कैफी आजमी जैसे अनेक कवियों, गीतकारों व साहित्यकारों ने जन्म लेकर संपूर्ण धरा धाम को आलोकित किया है। उसी पाकीजा भूमि के हैं कवि लालबहादुर चौरसिया ''''लाल''''। पांच अक्टूबर सन् 1976 में जनपद के बूढ़नपुर तहसील अंतर्गत ग्रामसभा टहरकिशुन देवपुर गोपालगंज के एक किसान परिवार जन्मे लालबहादुर चौरसिया कुशल व्यवसायी के साथ-साथ एक लोकप्रिय कवि व गीतकार हैं।
इनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई तथा ग्रेजुएशन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से हुई। पढ़ाई के समय से ही इनका कविता, गीत, गजल, मुक्तक व कहानी लेखन का शौक था। सन् 2021 में इनका प्रथम काव्य संग्रह आंसू से मुस्कान लिखेंगे प्रकाशित हुआ जो कि काफी चर्चा में रहा। इन दिनों लालबहादुर चौरसिया लाल की पांच बाल कविताएं फाइव फिंगर्स एजूकेशन प्रा. लि. प्रकाशन से प्रकाशित होने वाली आईसीएसई व सीबीएसई की हिंदी पाठ्य पुस्तक मैथिली श्रृंखला में शामिल हैं। प्रवेशिका में 'रंग बिरंगी तितली', कक्षा एक में 'सपने में परी' व 'चिड़िया' कक्षा चार में 'सब्जी सम्मेलन' एवं कक्षा सात में 'बेटी बचाओ' कविताएं शामिल की गई हैं।