आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ब्लाक की सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। इसके लिए भारी भरकम राशि खर्च की गई है। शासन का मकसद था शौचालय बनेंगे तो जिनके पास सुविधा नहीं है, वह इनका उपयोग कर सकेंगे। लेकिन, जिम्मेदारों की उपेक्षा से शौचालयों पर ताले लटक रहे हैं। जिससे शासन का उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 1811 ग्राम पंचायतों में 1804 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। ताकि लोगों को खुले में शौच करने से निजात मिल सके, मगर अधिकारियों की अनदेखी से लोगों को शौचालयों की सुविधा नहीं मिल पा रही। कारण सामुदायिक शौचालयों पर ताले लगे हैं। ऐसे में सुबह और शाम टहलने के लिए आने वाले महिला, पुरुष एवं बच्चों को लघुशंका या फिर शौच के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है। गांव के कुछ मार्गों पर लोग शौच करने को विवश हो रहे है।
00
केस-1
फोटो संख्या-8
बरदह। ठेकमा ब्लाक के परसौली गांव में कुछ वर्ष पूर्व लाखों रुपये खर्च कर सामुदायिक शौचालय बनवाया गया था। बनने के बाद से इसमें ताला बंद रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान चाहते हैं तो कभी-कभी शौचालय का ताला खुलता है। इसके बाद बंद हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शौचालय प्रतिदिन खुलता तो लोग बाहर शौच करने नहीं जाते।
00
केस-2
फोटो संख्या-9
लाटघाट। विकास खंड हरैया के ब्लाक परिसर में बना सामुदायिक शौचालय भी बंद पड़ा रहता है। जबकि यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी समस्या लेकर आते हैं। यदि उन्हें शौच लग जाए तो वह कहां जाए कुछ समझ नहीं आता है। सबसे अधिक परेशानी तो महिलाओं को होती है। हालांकि हर रोज अधिकारी यहां आते हैं लेकिन उनकी नजरें इधर नहीं पड़ती है।
00
केस-3
फोटो संख्या-10
लाटघाट। विकास खंड हरैया के बनकटा गांव में बने सामुदायिक शौचालय में हर समय ताला लटकता है। कभी-कभी खोलकर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता है। इसके बाद यहां किसी का कुछ पता नहीं चलता है। ग्रामीणों ने कहा कि शौचालय तो बनाया गया लेकिन इसे कभी खोला नहीं जाता है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन का सपना कैसे पूरा होगा।
00
केस-4
फोटो संख्या-11
रानी की सराय। विकास खंड रानी की सराय ग्राम पंचायत शेषपुर में सामुदायिक शौचालय बनाया गया है। बनने के बाद से ही इसमें ताला बंद है। कभी-कभी शौचालय खोला जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसमें ताला बंद रहता है। जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को अधिक परेशानी होती है।
00
प्रत्येक ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। हर हाल में शौचालय प्रतिदिन खोलना है। यदि समय से शौचालय नहीं खुलता है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
श्रीकांत दर्वे, डीपीआरओ आजमगढ़।