अंबारी। अतरडीहा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन शनिवार की रात कथावाचक प्रशांतानंद ने कालिया वध कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने भक्तों को कालिया के आतंक से मुक्ति दिलाई।
उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों को कष्ट से मुक्ति दिलाने के लिए अवतार लेते हैं। कालिया नाग ने नदी को दूषित कर रखा था। उससे लोग आतंकित रहते थे। भगवान श्री कृष्ण का जहां राधा और गोपियों से भी उनकी खूब बनती थी। कहा कि गोवर्धन पर्वत की कहानी से भी हर कोई परिचित है, जो उनकी प्रचलित लीलाओं में से एक है। दरअसल, इंद्र देव कृष्ण की लीलाओं से अनजान थे और उन्होंने गुस्से में गांव में बहुत तेज बारिश कर दी। गांव वालों को बचाने के लिए कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर उठा लिया और सभी मथुरावासियों को उसके नीचे शरण दे दी। इस मौके पर सुजीत जायसवाल आशु, सुधीर राजभर, दिनेश पांडेय, सुनील सिंह, राजेश पांडेय आदि मौजूद रहे।