उर्दू के मशहूर शायर कैफी आजमी की 21वीं पुण्यतिथि बुधवार को गांव स्थित फतेह मंजिल आवास पर सादगी के साथ मनाई गई। इस दौरान लोगों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके पद चिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि कैफी साहब बालिका शिक्षा के प्रति बेहद संवेदनशील थे। प्रधानाचार्य राजेश यादव ने कहा कि कैफी आजमी गांव का विकास चाहते थे। वे जो कहते थे उसे अवश्य करते थे। उनका कहना था कि मैं गुलाम हिदुस्तान में पैदा हुआ हूं। आजाद हिन्दुस्तान में जी रहा हूं और सोशलिस्ट हिंदुस्तान में मरूंगा। आशुतोष त्रिपाठी ने कहा की कैफी आजमी एक भारतीय उर्दू कवि थे जिनका जन्म 14 जनवरी 1919 को हुआ और 10 मई 2002 को उनका निधन हो गया। कैफी साहब एक प्रगतिशील शायर थे। तृप्ति सिंह और प्रज्ञा सिंह ने कहा कि कैफी आजमी बालिकाओं की शिक्षा को लेकर काफी संवेदनशील थे। यही वजह है की आज उनके गांव मे गर्ल्स इंटर कॉलेज की स्थापना हुई है। इस मौके पर किशन पांडेय, मनोज प्रजापति, लल्लन, पंकज, शीला, प्रकाश आदि मौजूद थे।