निजामाबाद। दीपावली का पर्व आते ही घरों को मिट्टी के दीये से जगमग करने की तैयारी जोरों पर चल रही है। इस बार हस्तनिर्मित निजामाबाद कस्बे में मिट्टी के दीयों का कारोबार परवान चढ़ रहा है। यहां के दीये भारत के कोने- कोने तक भेजे जाते हैं। मिट्टी के बने डिजाइनर दीयों को मांग के अनुसार विभिन्न जगहों पर भेजा जा रहा है। इस बार सबसे ज्यादा ब्लैक पॉटरी के झूमर, पंचमुखी व शंख दीये की मांग हो रही है। कस्बा के हुसैनबाद निवासी महेंद्र प्रजापति मिट्टी के 40 प्रकार के दीये बनाते हैं और उनका कारोबार करते हैं। भारत के कई प्रदेशों में वह अपने दीये के लिए पहचाने जाते हैं। इनके द्वारा बनाए गए डिजाइनर दीये मुंबई, कोलकाता, नागपुर, चेन्नई, गुजरात, बनारस, गोरखपुर आदि जगहों पर भेजे जाते हैं। इसमें शंख, झूमर व पंचमुखी दीये सबसे ज्यादा बिकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सादे दीये भी बनाए जाते हैं। ताकि लोग निजामाबद की ब्लैक पॉटरी के दीये खरीद सकें। इस बार लगभग एक करोड़ का कारोबार यहां के लोगों ने किया है। उन्होंने बताया कि ब्लैक पॉटरी के हस्तशिल्पियों को 90 लाख से ऊपर का आर्डर मिट्टी के दीये बनाने के लिए मिला था। इसको पूरा करके भेज दिया गया है। कस्बे के रहने वाले महेंद्र प्रजापति, संजय, त्रिभुवन प्रजापति, सोहित प्रजापति, बैजनाथ प्रजापति सहित कई कलाकार ऐसे हैं जिन्होंने दीयों का बड़ा कारोबार किया है। इस बार सबसे ज्यादा गोरखपुर, सूरत, अहमदाबाद, गुजरात, मुंबई, नागपुर में झूमर, पंचमुखी और शंख दीयों की मांग रही है जिसमें झूमर दीया 150 रुपये में बिक्री हुआ है। इस बार पूरे वर्ष में लगभग एक करोड़ से ऊपर का कारोबार दीयों का हो रहा है। हस्तशिल्प कलाकार महेंद्र प्रजापति, त्रिभुवन प्रजापति और सोहित प्रजापति ने बताया कि अब तक दीयों की कभी भी इतनी बिक्री नहीं हुई थी। एक करोड़ से ऊपर का कारोबार मिलने से निजामाबाद के हस्तशिल्प कलाकारों में और दीप कारोबारियों में काफी हर्ष व्याप्त है।