आजमगढ़। जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गांवों में काम चल रहा है। यह पेयजल परियोजनाएं सौर ऊर्जा से संचालित की जाएंगी। इससे पानी सप्लाई के लिए जल निगम को बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साथ ही बिजली बिल जमा करने का झंझट भी नहीं रहेगा। अब तक 731 परियोजनाओं पर सोलर पैनल लग चुके हैं।
ग्रामीण आबादी के हर घर को नल से जोड़ने के लिए जल जीवन मिशन योजना के तहत गांवों में पाइप लाइन बिछाने और कनेक्शन देने का काम चल रहा है। जिले के 3818 राजस्व गांवों में 1465 पेयजल परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन परियोजनाओं पर 1413 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हर राजस्व गांव में 50 हजार लीटर से लेकर पांच लाख लीटर क्षमता के ओवर हेड टैंक बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही ओवरहेड टैंक में पानी भरने और हर नल तक पानी पहुंचाने के लिए जल निगम ग्रामीण विभाग किसी भी पेयजल परियोजना पर बिजली का कनेक्शन नहीं लेगा। हर परियोजना पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसी से सभी पेयजल परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। कई जगहों पर कार्यदायी संस्था ने ओवरहेड टैंक के निर्माण के साथ सोलर पैनल लगाने का काम शुरू कर दिया है। इससे पेयजल आपूर्ति के लिए विभाग को बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जल जीवन मिशन की सभी परियोजनाएं सौर ऊर्जा से संचालित की जाएंगी। ओवरहेड टैंक के निर्माण के साथ ही सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। अब तक 731 परियोजनाओं पर सोलर पैनल लग चुके हैं।
- सत्येंद्र कुमार, एई जल निगम ग्रामीण।