आजमगढ़। यूनिफॉर्म सिविल कोड यूसीसी को लेकर अभी कुछ कहना ठीक नहीं है। पहले यह सामने आए कि सरकार की मंशा क्या है। वह क्यों इसके लागू करना चाह रही है। इसका क्या मसौदा है। इन बिंदुओं के स्पष्ट होने के बाद ही इस पर कहना सही रहेगा। पहले ही तलवार निकालकर हवा में भांजने से कुछ नहीं होगा। ये बातें पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने रविवार को नेहरू हाल में इंडियन मुस्लिम फार सिविल राइट्स संस्था की ओर से आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधि अशिवेशन में कहीं। सलमान खुर्शीद ने कहा कि यूसीसी से केवल मुस्लिम ही नहीं प्रभावित होंगे, बल्कि जो अन्य अल्पसंख्यक हैं उन पर भी असर पड़ सकता है। कहा 2024 का चुनाव अवाम लड़ रही है। अब लोग बीजेपी को हटाना चाहते हैं। उनके पास फार्मूला है, अगर वह सही तरीके से काम करेगा तो बीजेपी हट जाएगी। वहीं, राहुल गांधी पर बीजेपी के चुटकी लेने के सवाल पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि अवाम अगर उनको पसंद कर रही है तो बीजेपी को दिक्कत हो रही है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने आईएमसीआर की बैठक पर कहा कि जो भी कौम में पसमांदा समाज है, उसकी जरूरतों को पूरा करना, उनके क्या विचार हैं, उस पर अमल करने को लेकर बैठक हो रही है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ से उनका खास रिश्ता है। कार्यक्रम के बाद सलमान खुर्शीद शहर के पहाड़पुर में निस्वां बालिका इंटर कॉलेज पहुंचे और छात्राओं से कई विषयों पर चर्चा की। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी, सय्यदा सय्यदेन, आईएमसीआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. अदीब, पूर्व राज्यसभा सदस्य अजीज पाशा, डाॅ. दौलत सिंह पालीवाल, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता जेडके फैजान आदि थे। कार्यक्रम के संयोजक पप्पू कुमार यादव रहे