संसद के बजट सत्र में आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने जिले के साथ प्रदेश स्तर के कई मुद्दों को उठाने के साथ पूर्व भाजपा सांसद को भी कठघरे में खड़ा किया। गोरखपुर-वाराणसी वाया आजमगढ़ रेलवे लाइन के लिए बजट की मांग करते हुए कहा कि पूर्व के भाजपा सांसद ने इसको लेकर बड़ी लंबी-लंबी बातें की थीं, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि इस मद में बजट से एक भी पैसा अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है।
घाघरा नदी की बाढ़ की वजह से आजमगढ़ के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिले के लोग भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में इसके स्थायी समाधान के लिए सरकार कदम उठाए। ओपीएस की मांग करते हुए कहा कि जब बीजेपी विपक्ष में थी तब ओपीएस की बात करती थी लेकिन, आज सत्ता में है तब ओपीएस के खिलाफ है। बीजेपी अपने आपको देशभक्त पार्टी बताती है तो कम से कम पैरा मिलिट्री फोर्सेस में ओपीएस लागू करे। अग्निवीर योजना को समाप्त कर नौजवानों को पूर्णकालिक सेवा में रखने की बात की।
आरक्षण की बात उठाते हुए कहा कि पिछड़ों, दलितों के आरक्षण की लूट भाजपा सरकारों में हो रही है। उत्तर प्रदेश में पिछड़े, दलित समाज से एक भी वॉइसचांसलर नहीं है, असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्तियों में भी पिछड़ों, दलितों की अनदेखी की गई। बजट में उत्तर प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार की बात उठाई तथा उत्तर प्रदेश के लिए भी विशेष पैकेज की मांग की।