उप्र विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन समिति के सभापति एमएलसी उमेश द्विवेदी की अध्यक्षता में रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक हुई। जिसमें विभागवार समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आपदा प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया जाए। जागरूकता का कार्यक्रम एवं आपदा से बचाव का प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाए। सभी पीएचसी व सीएचसी पर सांप काटने की दवाओं की उपलब्धता का बोर्ड लगाया जाए। इसके लिए विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी कर प्रचार प्रसार किया जाए। बाढ़ राहत शिविरों को सक्रिय बनाया जाए। राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, क्लोरीन युक्त वॉटर टैंक का प्रबंध करें। कैंप में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कैंप में महिला गार्ड की भी ड्यूटी लगाई जाए। महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट एवं स्नान घर की व्यवस्था करें। स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण तथा पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं एवं एंबुलेंस की उपलब्धता 24 घंटे सुनिश्चित करें। पशु राहत कैंप में पर्याप्त मात्रा में भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी पशुओं का टीकाकरण कराया जाए। मलेरिया व डेंगू रोकने के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फागिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी आपस में समन्वय कर बच्चों की प्रभात फेरी निकाल कर ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं। तालाबों, चक मार्गों, सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराएं। जनता के हित में चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनकर निस्तारण किया जाए। इस मौके पर डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी अनुराग आर्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह, सीएमओ डा. आईएन तिवारी आदि उपस्थित थे।