क्षेत्र के आंवक स्थित अवंतिकापुरी धाम में सावन की तैयारी अभी आधी-अधूरी है। यहां न तो रैन बसेरा बनकर तैयार है। न ही शौचालय अभी तक चालू हो पाया। वहीं पोखरे के किनारे बने स्नानागार की हालत भी बदतर है। हैंडपंप भी खराब हैं। अवंतिकापुरी धाम लोगों की आस्था का केंद्र है। लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से तमाम व्यवस्थाएं की गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लोगों को सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। कहने को तो यहां पर शौचालय, स्नानागार, लाइट व शुद्ध पेयजल और साफ-सफाई चकाचक है लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है। रैन बसेरा के पास एक शौचालय बना है लेकिन उसमे ताला बंद है। जिससे लोगों का समस्या का सामना करना पड़ता है। शौचालय में हर समय ताला बंद रहता है। हालत यह है कि उसके फर्श पर लगे टाइल्स जगह-जगह से उखड़ने शुरू हो गए हैैं। इसी तरह रैन बसेरा का भी हाल है, वह भी धीरे-धीरे टूट रही है। ठेकेदार को जितना पैसा मिल रहा है उतना काम कर रहा है, उसके बाद उसे रोक दे रहा है। वहीं पानी की भी सुविधा बेहतर नहीं है। कुछ हैंडपंप खराब है तो कुछ रिबोर की बाट जो रहे हैं। इसी तरह सरोवर के किनारे एक स्नानागार बना है, लेकिन वह भी बदहाल है। गंदगी से अटा पड़ा है। वहीं पवित्र सरोवर भी बदहाल पड़े हैं। मंदिर व आसपास प्रकाश की व्यवस्था के लिए एलइडी लाइटें लगी थी लेकिन उसमे से बहुतायत लाइटें नहीं जलती है।इसे लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है।