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बच्चा चोरी का मामलाः बेटे की चाहत में डॉक्टर ने नवजात बेटी को मार डाला; ऐसे दिया था घटना को अंजाम

Sat, 08 Jun 2024 03:35 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

Azamgarh News: बच्चा चोरी के बाद नवजात को मार डालने का मामला आजमगढ़ में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। एसपी सिटी ने पर्दाफाश करते हुए बताया कि जिला महिला चिकित्सालय से पूरा मामला जुड़ा हुआ है।
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पुलिस की गिरफ्त में तीनों आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेटे की चाहत में डॉक्टर पिता ने मानवता की सभी हदें पार कर दी। तंत्रमंत्र के चक्कर में पड़कर चिकित्सक ने अपनी 15 दिन की बेटी को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शव सड़क किनारे रख दिया। मामले में पुलिस ने आरोपी डॉक्टर एक आशा बहू समेत तीन को गिरफ्तार किया है।

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एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने शुक्रवार को बच्चा चोरी के मामले में चौका देने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय से एक व्यक्ति द्वारा बच्ची चोरी की गई थी। पुलिस ने इस मामले में पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर जांच की गई।

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उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में रौनापार थाना क्षेत्र के बेदपुर गांव निवासी संगीता, कंधरापुर थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव निवासी सूरज कुमार उर्फ पप्पू व जीयनपुर गड़ौरा मझौरा गांव निवासी मनोज राम को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि इस मामले में पूर्व में हुई गिरफ्तार सरोजा सूरज कुमार के साथ रिलेशन में थी।

सूरज कुमार को एनआईए स्पोर्ट्स कोच की पढ़ाई के लिए तीन लाख रुपये की आवश्यकता थी। पवई ब्लाॅक में सरकारी अस्पताल में कार्यरत सरोजा की बहन संगीता ने तंत्र मंत्र के जरिए किसी भी लड़की को लड़का बनाने की योजना बनाकर पैसा ऐंठने की तरकीब सोची।

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लड़की को लड़का बनाने का भी मामला

आशा बहू संगीता ने ब्लॉक स्थित अस्पताल में तैनात नेत्र परीक्षण चिकित्सक मनोज राम निवासी गड़ौरा मझौरा थाना जीयनपुर को झांसे में लिया। मनोज की पत्नी रेनू देवी को दो लड़कियां थीं और एक बच्चा पेट में था जिसे तंत्र मंत्र से लड़का बनाने की बात बताया तो मनोज तैयार हो गया। मनोज व उसकी पत्नी रेनू को झूठे तंत्र मंत्र के जरिये लड़का न होने की बात कहते रहे लेकिन बेटी ही पैदा हुई।

यह बात मनोज को बर्दाश्त नहीं हुई। मनोज से कहा गया कि यदि इस बच्ची को मार दिया जाए तो उसे लड़का बनाया जा सकता है, तो मनोज ने अपनी 15 दिन की लड़की को पवई स्थित सरकारी आवास में जान से मार दिया। इसके बाद उस नवजात बच्ची के शव को सरकारी आवास से कुछ दूर पर हाईवे के किनारे स्थित डीह बाबा के स्थान पर रख दिया।

मनोज जब लड़का बनाने की मांग करने लगा तो सूरज कुमार ने 29 व 30 मई की रात में बिलरियागंज के पटवध गांव से घर के चबूतरे पर सोते हुए एक छह-सात माह के बच्चे को उठाकर मनोज राम को दिया और बताया कि तुम्हारी बच्ची को तंत्र मंत्र से लड़का बना दिया है। मनोज ने बच्चे की उम्र ज्यादा होने की बात कहकर बच्चा लेने से इन्कार दिया।

सूरज ने बच्चे को रास्ते में मिलने की बात कहकर उसके घर वालों के हवाले कर दिया। इसके बाद सूरज ने सरोज व संगीता के सहयोग से योजना बनाकर जिला महिला चिकित्सालय से एक नवजात बच्चे को उठाकर सरोज के घर पहुंचा और बच्चे को सरोज के घर पर पहले से मौजूद मनोज राम व उसकी पत्नी रेनू देवी को दिया और बताया कि आपकी बच्ची को तंत्र मंत्र से जीवित कर दिया गया है।

मनोज राम व उसकी पत्नी रेनू देवी ने बच्चे को देखा तो बच्चा लड़की होने की जानकारी होने पर मनोज राम व उसकी पत्नी रेनू ने बच्ची लेने से मना कर दिया। पुलिस ने मामले में मनोज राम व उसकी पत्नी रेनू देवी व सूरज उर्फ पप्पू व संगीता व सरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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