आशा बहू संगीता ने ब्लॉक स्थित अस्पताल में तैनात नेत्र परीक्षण चिकित्सक मनोज राम निवासी गड़ौरा मझौरा थाना जीयनपुर को झांसे में लिया। मनोज की पत्नी रेनू देवी को दो लड़कियां थीं और एक बच्चा पेट में था जिसे तंत्र मंत्र से लड़का बनाने की बात बताया तो मनोज तैयार हो गया। मनोज व उसकी पत्नी रेनू को झूठे तंत्र मंत्र के जरिये लड़का न होने की बात कहते रहे लेकिन बेटी ही पैदा हुई।
यह बात मनोज को बर्दाश्त नहीं हुई। मनोज से कहा गया कि यदि इस बच्ची को मार दिया जाए तो उसे लड़का बनाया जा सकता है, तो मनोज ने अपनी 15 दिन की लड़की को पवई स्थित सरकारी आवास में जान से मार दिया। इसके बाद उस नवजात बच्ची के शव को सरकारी आवास से कुछ दूर पर हाईवे के किनारे स्थित डीह बाबा के स्थान पर रख दिया।
मनोज जब लड़का बनाने की मांग करने लगा तो सूरज कुमार ने 29 व 30 मई की रात में बिलरियागंज के पटवध गांव से घर के चबूतरे पर सोते हुए एक छह-सात माह के बच्चे को उठाकर मनोज राम को दिया और बताया कि तुम्हारी बच्ची को तंत्र मंत्र से लड़का बना दिया है। मनोज ने बच्चे की उम्र ज्यादा होने की बात कहकर बच्चा लेने से इन्कार दिया।
सूरज ने बच्चे को रास्ते में मिलने की बात कहकर उसके घर वालों के हवाले कर दिया। इसके बाद सूरज ने सरोज व संगीता के सहयोग से योजना बनाकर जिला महिला चिकित्सालय से एक नवजात बच्चे को उठाकर सरोज के घर पहुंचा और बच्चे को सरोज के घर पर पहले से मौजूद मनोज राम व उसकी पत्नी रेनू देवी को दिया और बताया कि आपकी बच्ची को तंत्र मंत्र से जीवित कर दिया गया है।
मनोज राम व उसकी पत्नी रेनू देवी ने बच्चे को देखा तो बच्चा लड़की होने की जानकारी होने पर मनोज राम व उसकी पत्नी रेनू ने बच्ची लेने से मना कर दिया। पुलिस ने मामले में मनोज राम व उसकी पत्नी रेनू देवी व सूरज उर्फ पप्पू व संगीता व सरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।