लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। इससे देवारा क्षेत्र के लोगों की धड़कनें फिर बढ़ने लगी हैं। बुधवार को बदरहुवां गेज पर घाघरा नदी के जलस्तर में 34 सेमी तो डिघिया पर 27 सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। नदी का जलस्तर दो दिन घटने के बाद मंगलवार रात से बढ़ना शुरू हुआ। नदी का जलस्तर घटने- बढ़ने से देवारा वासियों की चिंता बढ़ गईं। बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। मंगलवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 70.00 मीटर दर्ज किया गया जो बुधवार को 34 सेमी बढ़कर 70.34 मीटर हो गया। इसी प्रकार डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 69. 35 मीटर था जो बुधवार को 27 सेमी बढ़कर 69.62 मीटर हो गया। नदी में 295552 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 125721 क्यूसेक गिरजा बैराज, 142466 क्यूसेक शारदा बैराज और 27365 क्यूसेक सरयू बैराज से पानी डिस्चार्ज हो रहा है। घाघरा नदी का जलस्तर घटने- बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो गया है। परसिया गांव के दक्षिण महुला गढ़वाल बांध से उत्तर घाघरा नदी कटान तेज कर दी है। घाघरा नदी में बाढ़ जैसी स्थिति तो नहीं है लेकिन कटान होने से परसिया, सहबदिया के किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं। उर्दिहा, परसिया, सहबदिया, महुला आदि गांवों के किसानों की जमीन कट रही है।