लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अमार शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती रविवार को अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा ने शहर के बड़ा श्रीगणेश मंदिर प्रांगण में रविवार को मनाई। लोगों ने दोनों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र के समक्ष श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कहा कि महापुरुषों का आजादी में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन ने कहा कि तिलक और आज़ाद दोनों विभूतियों ने स्वतंत्रता संग्राम की प्रखर ज्वाला को पूरे देश में फैलाने का कार्य किया। स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है का नारा देकर बाल गंगाधर तिलक ने लोगों में स्वतंत्रतता संग्राम की क्रांति पैदा की। इसी कारण अंग्रेज उन्हें अशांति का पिता कहते थे। आज उनके जयंती पर समाज को उनसे सीख लेने की जरूरत है। क्रान्तिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद ने अल्प आयु में ही अंग्रेजी हुकूमत के अंदर दहशत पैदा कर दी थी। शर्मानंद पांडेय ने कहा कि दोनों महापुरुषों का देश की आजादी में अविस्मरणीय योगदान रहा है। बालगंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता संग्राम में गरम दल का नेतृत्व किया। चंद्रशेखर आज़ाद की वीरता का अंग्रेजों ने लोहा मान लिया और उनकी टीम को आतंकवादी घोषित कर दिया था। इस दौरान नए जिलाध्यक्ष अभिषेक पांडेय का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में संजय कुमार पांडेय, महंत राजेश मिश्र, अशोक कुमार तिवारी, बंशीधर पाठक आदि मौजूद रहे।