कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन की आड में निजी विद्यालयों ने शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। जिसके चलते शिक्षक आर्थिक तंगी का सामना करना रहे हैं। मिलीी शिकायत पर डीएम ने बीएसए और डीआईओएस को विद्यालयों पर निगरानी रखने को कहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए जिला शासन ने डीआईओएस व बीएसए को निजी विद्यालयों की विसंगतियों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। उक्त अधिकारी शिक्षकों को वेतन संबंधी शिकायत मिलने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। अगर उन्हें वेतन नहीं मिला तो प्रबंध तंत्र की खैर नहीं। निजी स्कूलों के शिक्षकों के वेतन का मामला डीएम तक पहुंचा तो कार्रवाई निश्चित है। इस आदेश के बाद बेसिक व माध्यमिक शिक्षा से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयो में हडकंप का माहौल है। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. वीके शर्मा ने सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के प्रबंधक/प्रधानाचार्यों को मामले में आदेश दिया है। आईओएस ने कहा कि जो विद्यालय कोविड काल में छात्र-छात्राओं से फीस की वसूली किए हैं। वह विद्यालय अपने शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वेतन भुगतान अवश्य करें। वेतन नहीं देने पर विद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जाएगी। इस कदम से कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।