आजमगढ़। पराली जताने और अन्य कारणों से फैल रहे प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। एनजीटी की ओर से पारित आदेशों के क्रम में पराली जलाने से होने वाली पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए दंड का प्रावधान किया गया है। उप कृषि निदेशक डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि जो किसान कराली जलाएंगे, उन पर क्षेत्रफल दो एकड़ से कम होने पर प्रति घटना 2500, क्षेत्रफल दो एकड़ से पांच एकड़ होने पर 5000 प्रति घटना और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल होने पर 15000 रुपये क्षतिपूर्ति देना होगा। इसके लिए राजस्व विभाग, पुलिस विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। बगैर स्ट्रॉ रीपर लगाए यदि कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई की जाएगी तो उनके कंबाइन हार्वेस्टर को सीज करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।