जिले के नौ विकासखंडों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं के लिए छात्रावास और एकेडमिक ब्लाक का निर्माण होगा। शासन की ओर से 15 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी कर दी गई है। निर्माण की जिम्मेदारी उप्र ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है। हर छात्रावास व एकेडमिक ब्लाक पर करीब एक करोड़ 17 लाख रुपये खर्च होंगे।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले के 22 में से 21 ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कराया गया है। इनमें कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं को मुफ्त आवासीय शिक्षा दी जा रही है। आठवीं पास करने के बाद रहने की समस्या आदि होने के कारण कई छात्राएं आगे की शिक्षा से वंचित हो जाती थीं। उनकी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इंटर तक की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों का उच्चीकरण कराया जा रहा है। इसके तहत जिले के नौ ब्लॉकों में छात्रावास व एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। शासन की ओर से संपूर्ण लागत का 40 प्रतिशत धनराशि जारी कर दी गई है। सभी आठ ब्लॉकों में छात्रावास व एकेडमिक ब्लॉक बनाने के लिए प्रति विद्यालय एक करोड़ 67 लाख 15 हजार 600 रुपये के हिसाब से कुल 15 करोड़ चार लाख 40 हजार 400 रुपये जारी किए हैं। प्रत्येक छात्रावास व एकेडमिक ब्लाक पर 42.78 लाख रुपये खर्च होंगे।
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इन ब्लॉकों के लिए जारी हुई धनराशि
जिले के नौ ब्लाकों में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में हॉस्टल व एकेडमिक ब्लाक बनाने के लिए 15 करोड़ चार लाख 40 हजार 400 रुपये जारी किए हैं। जिसमें अहरौला, अतरौलिया, फूलपुर, हरैया, बिलरियागंज, महराजगंज, मोहम्मदपुर, तहबरपुर व रानी की सराय शामिल है।
विद्यालयों में सौ-सौ सीटें निर्धारित
जिले में शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े चौदह ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खोले गए हैं। इन विद्यालयों में सौ-सौ सीटें निर्धारित की गई है। इसमें 75 प्रतिशत सीट पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के प्रवेश के लिए निर्धारित है। जबकि 25 प्रतिशत सीट सामान्य वर्ग की गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की बालिकाओं के प्रवेश के लिए है।