बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं को आगे की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अब छात्रावास एवं एकेडेमिक ब्लाक का निर्माण कराने जा रही है। 11 कस्तूरबा विद्यालयों में छात्रावास के साथ ही एकेडेमिक ब्लाक बनाए जाने के लिए उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपरेशन लिमिटेड को कार्यदायी संस्थान नामित किया गया है। साथ ही निर्माण कार्य की निगरानी व गुणवत्ता की जांच के लिए अवर अभियंता बाराबंकी को लगाया गया है। बालिका शिक्षा की स्थिति सुधारने एवं बालिकाओं को गुणवत्तापरक प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसमें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी एक है। जिले में 21 कस्तूरबा विद्यालय संचालित है। जिसमें कुल 2100 छात्राएं पढ़ाई कर रही है। इनमें 75 प्रतिशत सीटों पर अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की वंचित बालिकाओं के प्रवेश की व्यवस्था है। शेष 25 फीसदी सीटों पर सामान्य वर्ग की उन परिवारों की बालिकाओं का प्रवेश किया जाता है जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही हैं। शासन ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय के छात्राओं को कक्षा-नौ से बारह तक की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में छात्रावास के साथ ही एकेडमिक ब्लाक का निर्माण करा रही है। जनपद में एकेडमिक ब्लाक एवं बालिका छात्रावास के निर्माण की गुणवत्ता की जांच करने के लिए मनीष मिश्रा एवं सरोजानंद झा, अवर अभियंता बाराबंकी को सौंपी गई है।