आजमगढ़। गांवों में बागबानी को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग पहल करेगा। अब जिले के 22 गांवों में बागवानी की खेती कराकर इन्हें मॉडल बनाएगा। विभागीय अफसरों ने गांवों को मॉडल बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले के प्रत्येक ब्लॉक से एक गांव को मॉडल गांव के लिए चिह्नित किया जाएगा। दूसरे चरण में गांवों की संख्या को बढ़ा दिया जाएगा। इससे किसानों की आय दोगुनी हो सकेगी। बागवानी मिशन को बढ़ावा देने के लिए शासन गांवों में किसानों को बागवानी से जोड़ रहा है। इसके साथ ही विभागीय अफसरों ने गांवों को मॉडल बनाने के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जनपद में कुल 22 ब्लाक हैं। हर एक ब्लाक से एक गांव को मॉडल गांव के लिए चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में गांवों की संख्या को बढ़ा दिया जाएगा। बागबानी की खेती कर किसान अपनी आय दोगुना कर रहे हैं, लेकिन काफी संख्या में किसान इस योजना का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में किसानों के लिए अब उद्यान विभाग गांवों में बागवानी की फसलों को बढ़ावा देने की नई योजना शुरू कर रहा है। बागबानी से जड़ी-बूटियों की भी पैदावार हो सकेगी। बागवानी से उद्यान विभाग की आधुनिक तकनीक प्रदर्शित होगी और आसपास के बागवान प्रेरित होकर अच्छी फसलों को अपनाकर आय बढ़ा सकेंगे।
सभी प्रकार की होगी खेती
आजमगढ़। जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर राम ने बताया कि बागवानी मिशन के तहत जिन गांवों को माडल बनाया जाएगा, वहां किसानों को अनेक प्रकार की खेती कराई जाएगी। किसानों को पाली हाउस में फूल और बेमौसमी सब्जी व फलों की खेती करायी जाएगी। इसके अलावा जड़ी बूटियों में सतावर, तुलसी सहित अन्य प्रकार की खेती शामिल होगी। ड्रिप, स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति, पाली हाउस, शेड नेट हाउस, सब्जियों की खेती, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, प्रोसेसिंग यूनिट, जैविक खेती, पैक हाउस, प्याज भंडार गृह, प्रिजर्वेशन यूनिट मशीनीकरण आदि कार्यक्रम से किसानों को जोड़ा जाएगा।