आजमगढ़। सितंबर में पिछले आठ वर्षों में दूसरी बार सबसे अच्छी बारिश हुई है। धान के लिए यह लाभकारी होगी। बारिश से जहां खेत में नमी रहेगी वहीं, फसलों का उत्पादन भी अच्छा होगा। हालांकि सब्जियों के पाैधे गल गए। रबी के दलहन और तिलहन फसल की किसान इसी नमी पर बोआई कर सकते हैं। इस बार सितंबर में 245.61 मिमी बारिश हुई है। जबकि पिछले वर्ष सितंबर माह में सिर्फ 71.2 मिमी ही बारिश हुई थी। इसके पहले वर्ष 2019 में सितंबर में सबसे अधिक 505.38 मिमी बारिश हुई थी। इस वर्ष सितंबर में अच्छी बारिश को धान के लिए कृषि वैज्ञानिक मुफीद बता रहे हैं। इससे लंबे समय तक खेत की नमी रहेगी और उत्पादन भी अच्छा होगा। सबसे ज्यादा फायदा निचले हिस्सों के खेतों को होगा। उनमें ज्यादा समय तक नमी रहेगी। अभी 15 अक्तूबर तक बारिश की संभावना है। अगर खेत खाली हैं तो किसान रबी की दलहन और तिलहन की फसल की इसी नमी पर बोआई कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी डा. गगनदीप सिंह ने बताया कि सितंबर में अच्छी बारिश से धान का उत्पादन बढ़ेगा। क्योंकि खेतों में नमी बनी रहेगी।
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सितंबर में छह वर्षों में हुई बारिश
- 2017- 58.04 मिमी.
- 2018- 56.02 मिमी.
- 2019- 505.38 मिमी.
- 2020- 186.94 मिमी.
- 2021- 187.97 मिमी.
- 2022- 175.32 मिमी.
- 2023- 71.02 मिमी.
- 2024- 245.64 मिमी.
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अभी 15 अक्तूबर तक बारिश के उम्मीद है। सितंबर में 246 मिमी बारिश होने से धान के खेतों में नमी बनी रहेगी। उत्पादन अच्छा होगा। 15 अक्तूबर के बाद किसान इसी नमी पर रबी की दलहन और तिलहन की बोआई कर सकते हैं। सितंबर की बारिश से सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है। पानी लगने से उनके पौधे गल गए।
- डॉ. रणधीर नायक, वरिष्ठ मृदा वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र कोटवां