आजमगढ़। कोरोना के बाद अब मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य महकमा एलर्ट हो गया है। बीते दिनों दिल्ली में मंकीपॉक्स का मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। हालांकि जनपद में अभी तक मंकीपॉक्स का कोई केस नहीं मिला है। लेकिन फिर भी विभाग की ओर से सतर्कता शुरू कर दी गई है। सीएमओ डा. आईएन तिवारी ने लोगों से अपील की है कि जनपद में यदि किसी व्यक्ति को लगातार 21 दिन तक बुखार, सिर दर्द, कमजोरी महसूस होती है, तो बिना देरी किए इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे। जिससे समय रहते उसकी जांच और उपचार किया जा सके। विदेश से आने वाले किसी भी यात्री को इस तरह की कोई समस्या हो तो तत्काल मंडलीय जिला चिकित्सालय में डाक्टर से संपर्क करें। संचारी रोग के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके चौधरी ने बताया कि कोरोना के बाद अब मंकीपॉक्स को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है, हालांकि जनपद में अभी तक कोई मंकीपॉक्स का कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी एहतियातन स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जनपद में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, और दक्षिण अफ्रीका से आने वाले विदेशी यात्रियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जो भी दिशा निर्देश सरकार की ओर से आए हैं, उसी के आधार पर विभाग एलर्ट मोड पर है। उन्होंने बताया जिन देशों में मंकीपॉक्स के मामले मिले हैं, वहां से आने वाले यात्रियों में यदि इस बीमारी के लक्षण नजर आते हैं तो उनके सैंपल केजीएमसी लखनऊ जांच के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी है, जो मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के उच्च कटिबंधीय वर्षा वन क्षेत्रों में होती है। कभी-कमी अन्य क्षेत्रों में भी रोग का प्रसार हो जाता है। मंकीपॉक्स के मरीज में बुखार, चकत्ते और सूजी हुई लिम्फ नोड्स जैसे लक्षण पाए जाते हैं। इसके लक्षण दो से चार सप्ताह तक प्रदर्शित होते हैं। मंकीपॉक्स जानवरों से मानवों में या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। यह वायरस कटी फटी त्वचा, सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरुरत है।