आजमगढ़। जिले की साइबर टीम ने इंस्टाग्राम व यूट्यूब पर फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। वह इंस्टाग्राम व यूट्यूब पर फर्जी मार्केटप्लेस पेज बनाकर लेदर शूज व बैग को सस्ते दाम और अधिक छूट का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाता था। पकड़ा गया साइबर ठग अब्दुल्ला जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के गुलामी का पूरा म. न. 522 का निवासी है। उसके खिलाफ तमिलानाडु से एक युवक ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी।
तमिलनाडु के जनपद तेनकासी के 72 डी रेलवे फीडर रोड निवासी एच. अहमद अब्दुल कद्दार ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र दिया। आरोप था कि किसी सोशल मीडिया इंस्टाग्राम व यूट्यूब पर फर्जी मार्केटप्लेस पेज बनाकर महंगे लेदर शूज सस्ते दाम पर बेचने के नाम पर मुझसे पैसे अपने बैंक खाते में जमा करा लिया है।
ऐसे ही इस व्यक्ति ने सैकड़ों लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी किया है। एसपी ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए तत्काल एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी के निर्देशन में तकनीकी संसाधनों का प्रयोग करते हुए साइबर क्राइम थाना परिक्षेत्र आजमगढ़ टीम द्वारा अभिसूचना संकलन करके कार्यवाही प्रारंभ की गई। जांच में मो. अब्दुल्ला निवासी म. न. 522 गुलामी का पूरा थाना कोतवाली का नाम प्रकाश में आया। 16 जून यानी रविवार को विमल प्रकाश राय प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना व टीम को आरोपी अब्दुल्ला की लोकेशन मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल बरामद किया गया।
बीटेक कर वेबसाइट डेवलपर का काम करता था अब्दुल्ला
आजमगढ़। पकड़े गए आरोपी अब्दुल्ला ने पूछताछ में बताया कि वह बीटेक किया है। वह वेबसाइट डेवलपर का काम करता है। पैसे की लालच में आकर वह फेसबुक मार्केटप्लेस ऐप्स, इंस्टाग्राम व यूट्यूब चैनल्स और व्हाट्सएप पर फर्जी शू हैवन के नाम से फर्जी पेज बनाकर उसका कैटलाग बनाकर डालता था। जिसको लोगों द्वारा ऑनलाइन सोशल मीडिया पर जूतों व बैग कि डिजाइन देखकर मुझे मेरे मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजकर आर्डर बुक करते थे।
ठगी कर दस लाख रुपये कमाए
मैं आर्डर के लिए पहले ऑनलाइन पेमेंट कहता था। मैं जो क्यूआर कोड व यूपीआई आईडी उनको भेजकर अपने व जानने वालों के बैंक खाता में जमा करता था। पैसा प्राप्त होने के बाद उन लोगों को मैं ब्लॉक कर देता था। उनके जूतों कि डिलीवरी न करके उनके आर्डर के पैसे रख लेता था और उनको फर्जी डिस्पैच बिल, कैश मेमो तैयार कर भेजकर धोखाधड़ी करता था। ऐसे ही मैं लगभग सैकड़ों लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करके अब तक करीब 10 लाख रुपया कमा चुका हूं।