सगड़ी तहसील क्षेत्र में जैसे-जैसे घाघरा का जलस्तर घट-बढ़ रहा वैसे-वैसे देवारावासियों की धड़कने भी तेज होती जा रही हैं। जलस्तर घटने के कारण कटान तेज हो गई है। जिससे किसान चिंतित हैं। एक सप्ताह के अंदर सैकड़ों एकड़ भूमि कटकर घाघरा में समाहित हो गई। सगड़ी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत उर्दिहा, गांगेपुर, सहबदिया में कटान तेज हो गई है। कटान शुरू होने से ग्रामीणों में दहशत है। पिछले एक सप्ताह में गांव के रहने वाले तिलकू, पुनवासी, राम-लखन, रामबचन, सोनू व मनोज के खेत कटकर नदी में समाहित हो रहे हैं। यह किसान पहले ही घाघरा नदी के कटान से बेघर होकर गोरखपुर जनपद के बारानगर गोला चले गए थे। अब इनकी जमीन कट रही है। इससे ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई हैं। रविवार को बांका ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान हीरालाल यादव ने बताया कि गांव का संपर्क मार्ग महुला गढ़वल बांध से टूट गया है।एक पुलिया थी जो पिछली बाढ़ में घाघरा की तेज धारा में बह गए। कई बार इसको बनाने के लिए कहा गया पर विभागीय लापरवाही के चलते नहीं बन सका नहीं तो ग्रामीणों को इतनी दुर्दशा नहीं उठानी पड़ती। घाघरा नदी का जलस्तर प्रति घंटा लगभग एक सेंटीमीटर घटाव पर है। घाघरा नदी बदरहुआ नाले पर 22 जुलाई 23 शनिवार की शाम चार बजे 70.76 मीटर पर बह रही थी। रविवार को 26 सेंटीमीटर घटकर 70.50 पर बह रही है। बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर है, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाला का जलस्तर शनिवार को शाम चार बजे 70.03 मीटर था जो रविवार को 23 सेमी घट कर 69.80 हो गई। न्यूनतम जलस्तर 68.90, खतरा बिंदु 70.40 और अधिकतम 72.59 मीटर है।