अजमतगढ़ स्थित ताल सलोना में साइबेरियन पक्षी का शिकारियों द्वारा किया गया शिकार। संवाद
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सगड़ी। ठंड शुरु होते ही सगड़ी तहसील क्षेत्र के अजमतगढ़ स्थित ताल सलोना में साइबेरियन पक्षियों का आना शुरू हो गया है। जहां ताल इन विदेशी मेहमानों के कलरव से गूंज रहा है तो वहीं इन्हें कुछ शिकारी मारकर लोगों को बेच भी रहे हैं। जानकारी के बाद भी अधिकारी चुप हैं। ताल सलोना में ठंड शुरू होते ही साइबेरियन पक्षी पूरे जाड़े भर यहां रहते हैं। फरवरी माह के अंत तक यह अपने वतन को लौट जाते हैं। ताल सलोना में इस समय लालसर, टिकवा, शेऊस, चैता, गिर्रा सहित दर्जनों चिड़ियों ने अपना रैन बसेरा बना लिया है। इन विदेशी पक्षियों के आने से शिकारियों की भी बल्ले बल्ले हो गई है। शिकारी इन पक्षियों को मारकर 16 सौ रुपये से लेकर दो हजार रुपये प्रति जोड़ी के हिसाब से ग्राहकों को बेच रहे हैं। विदेशी चिड़ियों को शिकारी जहर देकर, जाल में फंसा कर या फिर बदूकों से मारकर इनका शिकार कर ऐसे स्थानों पर बेच रहे हैं जहां वन विभाग या पुलिस विभाग की नजर न पड़े। इनके शौकीन वहां जाकर चोरी छिपे इसकी खरीदारी कर रहे हैं। वन रेंजर जीयनपुर रामजीत ने बताया कि टीम गठित की गई है जो सुबह शाम ताल सलोना की निगरानी कर रही है अगर कहीं भी कोई भी शिकारी पक्षियों का शिकार करते मिलेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।