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शत्रु संपत्तियों के संबंध में शासन ने मांगी रिपोर्ट

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आजमगढ़। शासन स्तर से जनपद में स्थित शत्रु संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया है। इसके लिए राज्य शासन के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने डीएम व एसपी को पत्र जारी किया है। पत्र के मिलने के बाद जिला प्रशासन संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लगा है। इन संपत्तियों के संबंध में जानकारी के लिए जिला प्रशासन की ओर से समस्त तहसीलों केे पत्र जारी कर रिपोर्ट तलब की है। 1947 में भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो जो लोग पाकिस्तान चले गए वो अपना सब कुछ तो उठाकर नहीं ले गए। उनके जाने के बाद बहुत कुछ पीछे छूट गया। घर-मकान, हवेलियां-कोठियां, जमीन-जवाहरात, कंपनियां वगैरह-वगैरह। उनके सबके जाने के बाद इन संपत्तियों पर सरकार का कब्जा हो गया। यानि जिनका इन संपत्तियों पर मालिकाना हक था वो तो चले गए पराए मुल्क, जायदाद यहीं पर रह गई. अब इस जायदाद पर सरकार का मालिकाना है। जनपद कुल 13 शत्रु संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इन संपत्तियों के बारे शासन स्तर से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए उप्र शासन के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने डीएम और एसपी को पत्र भेजकर इन संपत्तियों की जानकारी मांगी है। अपने पत्र में अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि शत्रु संपत्तियां गृह मंत्रालय के अधीन आती है। यदि ऐसी किसी प्रापर्टी का उपयोग पुलिस विभाग अथवा शासकीय विभाग के उपयोग में लाया जा सकता है तो उसे चिह्नित कर हस्तांतरण के लिए प्रस्ताव सीईपीआई कार्यालय नई दिल्ली के माध्यम से भारत सरकार को उपलब्ध कराएं। साथ ही इन संपत्तियों पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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