फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कभी इन बसों की भी सुधि लो सरकार, सैकड़ों की जान का है सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। अगर आप उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में सफर करने जा रहे हैं तो थोड़ा संभलकर करें। क्योंकि परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल ज्यादातर बसों के फिटनेस फेल हैं। ऐसे में परिवहन विभाग यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। इतना ही नहीं लगभग हर गाड़ी का बीमा काफी पहले ही फेल हो चुका है। लेकिन इस तरफ जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन

यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा इन दिनों यातायात माह का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं पुलिस विभाग द्वारा जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाकर लोगों से हजारों रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है और लोगों के वाहनों का सीज किया जा रहा है। वहीं परिवहन विभाग की तरफ से संचालित रोडवेज बसों की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। जबकि परिवहन अनफिट बसों के सहारे लोगों को यात्रा कराकर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहा है। ज्यादातर बसों का बीमा वर्षों पहले ही समाप्त हो चुका है। कई बसों की पीयूसीसी भी काफी पहले ही खत्म हो चुकी है। बुधवार को आजमगढ़ रोडवेज परिसर में खड़ी बसों के नंबर से जब इनके कागजात की जानकारी की गई तो यह बात खुलकर सामने आ गई कि परिवहन विभाग लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है और जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं। इतना ही नहीं परिवहन विभाग की कई बसों के कई वर्षों से कर भी जमा नहीं हैं। इस प्रकार इनके द्वारा सरकार को भी चूना लगाया जा रहा है।
000000000
इन बसों के कागजात की हुई जांच
बस संख्या कागजात एक्सपायरी तिथि
यूपी 70 ईटी 9731 फिटनेस दो जनवरी 2022
पीयूसीसी 25 जून 2020
कर 30 सितंबर 2021
यूपी 65 सीटी 0895 बीमा एक जनवरी 2021
पीयूसीसी 10 अगस्त 2022
कर 13 दिसंबर 2021
यूपी 65 एफटी 1279 बीमा 28 मार्च 2019
यूपी 40 एटी 3916 बीमा एक नवंबर 2022
यूपी 78 एफटी 7523 बीमा 22 जनवरी 2021
यूपी 78 एफटी 8662 फिटनेस दो मार्च 2022
यूपी 50 सीटी 6830 फिटनेस तीन दिसंबर 2021
00000000000
मैं आज ही रोडवेज की सभी बसों की जांच कराता हूं। मेरी तरफ से आरएम को पत्र भी भेजा जा रहा है। जानकारी में आने के बाद अब मंडल के तीनों जनपद में रोडवेज बसों के फिटनेस प्रदूषण आदि की जांच कराई जाएगी। रही बात बीमा की तो उन्हें इससे छूट रहती है। - आरएन चौधरी, आरटीओ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें