पसमांदा मुस्लिम समाज के तत्वावधान में सोमवार को कृषि भवन के पास मंडलीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार पसमांदा समाज के अधिकारों को खत्म कर रही है। पूर्व मंत्री अनीस मंजूरी ने कहा कि मुसलमानों की कुल आबादी का 85 प्रतिशत पसमांदा मुसलमान हैं। लेकिन उनके समस्याओं का कोई समाधान करने वाला नहीं है। देश के आठ राज्यों में समाज के लोगों ने राजनैतिक चेतना पैदा की जा रही है। कहा कि पसमांदा मुसलमानों के उत्थान के लिए सरकार बात तो करती है लेकिन कार्ययोजना बनाकर आज तक कुछ नहीं किया। एक तरफ जहां पसमांदा मुसलमानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात की जा रही है। तो वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने मौलाना आजाद फेलोशिप को बंद कर दिया है। जिससे समाज के छात्र- छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार पसमांदा समाज के हक और अधिकार को खत्म कर रही है। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नौशाद मंसूरी, इलियास मसूरी, मुमताज, फैजान मंसूरी, माजिद इकराम, शकील मंसूरी आदि मौजूद रहे।