रक्तदान करने से सेहत को किसी तरह का खतरा नहीं होता है। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एक अक्तूबर को स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सुबह नौ बजे से जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन कर रहा है। डर और झिझक छोड़कर शिविर के सहभागी बनें और रक्तदान करके किसी की जान बचाने का पुण्यलाभ लें। रक्त की जरूरत होने पर ब्लड बैंक में खून देकर ही रक्त मिलता है। कई बार आपात स्थिति में रक्तदाता की तलाश करना संभव नहीं हो पाता है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के प्रभारी डा. चंद्रहास ने बताया कि थैलीसीमिया, प्रसूताओं, दुर्घटनाग्रस्त, लावारिस, गंभीर मरीजों, बंदियों आदि को बिना डोनर के रक्त उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में रोजाना कई यूनिट रक्त की जरूरत होती है, जिसे स्वैच्छिक रक्तदान के जरिए ही जुटाया जाता है। 18 से 60 साल का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। इससे किसी प्रकार की कमजोरी नहीं होती। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के रक्तदान करने से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। अमर उजाला फाउंडेशन हर साल की तरह इस बार भी स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर शिविर का आयोजन कर रहा है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में एक अक्तूबर को सुबह नौ से शाम तीन बजे कोई भी रक्तदान कर सकता है। रक्तदाताओं को अमर उजाला फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग सम्मानित करेगा।