लाटघाट। डिघिया नाले पर घाघरा नदी का जलस्तर बुधवार को लाल निशान पार कर गया था। जिसके कारण नदी के तटीय क्षेत्र में रहने वालों की परेशानियां बढ़ने लगी थी। लेकिन बुधवार की शाम चार बजे लाल निशान के पार पहुंची घाघरा फिर घटना शुरू हो गई। इससे नदी के मुहाने पर बसे गांव के लोगों ने राहत की सांस तो जरूर ली है, लेकिन डर अभी भी बरकरार है। घाघरा नदी 24 घंटे में बदरहुंआ पर 14 सेमी. घटाव तो डिघिया पर भी 14 सेमी. का घटाव दर्ज किया गया। बदरहुवा गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदू 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। बुधवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.02 मीटर दर्ज किया गया था। जो बृहस्पतिवार को 14 सेमी. घटकर 70.88 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर बुधवार को जलस्तर 70.41 मीटर था जो बृहस्पतिवार को 14 सेमी घटकर 70.27 मीटर हो गया। घाघरा नदी का जलस्तर घटने- बढ़ने से तटवर्ती गांव में कटान तेज हो गई है। बता दें कि उर्दिहा, देवारा खास राजा और परसिया गांव में घाघरा की कटान तेज हो रही है। इससे अब तक सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ जमीन घाघरा में विलीन हो चुकी है। कटान को लेकर देवारा क्षेत्र के किसान व ग्रामीण काफी परेशान हैं।