फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिघिया गेज पर लाल निशान के पार हुई घाघरा

विज्ञापन
देवारा क्षेत्र के घाघरा के फैले पानी से होकर जाते ग्रामीण।संवाद - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
लाटघाट। नदी में पानी छोड़े जाने से घाघरा को जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को नदी डिघिया गेज पर लाल निशान को पार कर गई। बाढ़ का पानी अब गांवों की तरफ बढ़ना शुरू हो चुका है। जिससे लोगों की धड़कनें फिर बढ़ने लगी हैं। लाल निशान पार होने के बाद भी क्षेत्र में बनी बाढ़ चौकियां निष्क्रिय हैं। वहां पर एक भी कर्मचारी नजर नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को बदरहुंआ पर 69 सेंटीमीटर तो डिघिया गेज पर 79 सेंटीमीटर घाघरा नदी में बढ़ाव दर्ज किया गया। घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद दो दिन से लगातार बढ़ने से डिघिया नाले पर नदी लाल निशान पार हो गई। बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। बुधवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 70.34 मीटर दर्ज किया गया जो बृहस्पतिवार को 69 सेमी बढ़कर 71.03 सेमी हो गया। इसी प्रकार डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर बुधवार को जलस्तर 69. 62 मीटर था जो बृहस्पतिवार को 79 सेमी बढ़कर 70.41 मीटर हो गया। नदी में 117776 क्यूसेक गिरजा बैराज, 25352 क्यूसेक शारदा बैराज और 12818 क्यूसेक सरयू बैराज से पानी डिस्चार्ज हो रहा है। घाघरा नदी का जलस्तर घटने- बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है। परसिया गांव के दक्षिण महुला गढ़वल बांध से उत्तर घाघरा नदी कटान तेज कर दी है। घाघरा नदी में बाढ़ जैसी स्थिति तो नहीं है लेेकिन कटान होने से परसिया, सहबदिया के किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं। डिघिया नाले पर घाघरा के लाल निशान पार होने के बाद भी बाढ़ से राहत के लिए बनी बाढ़ चौकियां निष्क्रिय हैं। इस पर तैनात किए गए कर्मचारी हमेशा नदारद ही रहते हैं। महुला गढ़वल बांध पर 10 चौकियां बनाई गई हैं। एक भी बाढ़ चौकी सक्रिय नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें