लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर कभी घट रहा तो कभी बढ़ रहा है। इससे देवारावासियों की धड़कनें भी तेज हो रही हैं। इस समय नदी में कटान तेज हो गई है। अब तक दर्जनों किसानों की सैंकड़ों बीघा कृषि योग्य भूमि पानी में समा चुकी है। 24 घंटे नदी का जलस्तर घटा है। शुक्रवार को बदरहुवां में 30 सेमी व डिघिया में 28 सेमी का घटी है। बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। बृहस्पतिवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 70.44 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 30 सेमी घटकर 70.14 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर बृहस्पतिवार को जलस्तर 69.82 मीटर था जो बृहस्पतिवार को 28 सेमी घटकर 69.54 मीटर हो गया। नदी चाहे बढ़ रही हो या घट रही हो लेकिन दोनों परिस्थितियों में कटान जारी है। कटान को लेकर सीमावर्ती गांवों के लोग काफी परेशान हैं। कई गांवों के किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। उर्दिहा, परसिया, सहबदिया, महुला आदि गांवों के किसानों की जमीन काट रही है। उर्दिहा गांव निवासी भिमली, फूलमति, सीमा, वीरचंद, लालचंद, बसंत, कलेंदर, हरेंद्र, किसमती, जयप्रकाश, नंदकिशोर, उमेश आदि की जमीन घाघरा नदी की कटान में समाहित हो रही है।