घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार छह दिनों से घटाव जारी है। घाघरा नदी में घटाव के साथ ही कटान तेज हो गई है। नदी किनारे के गांव उरदीहा, गांगेपुर, सहबदिया में काटन जारी है। सहबदिया में अब तक 65 बीघे खेती योग्य की जमीन कट चुकी है। झगरहवा में खेती की जमीन के साथ आबादी की जमीन घाघरा नदी कटान कर रही है।
जमुवारी से सोनौरा मानिकपुर से अभ्भन पट्टी संपर्क मार्ग पर घाघरा की छोटी शाखा में पानी होने से आवागमन बाधित है। रोजमर्रा के सामानों के साथ अपने गांव में जाने के लिए लोगों को परेशानी उत्पन्न हो रही है। बाढ़ की समस्याओं से निपटने के लिए 10 बाढ़ चौकिया बनाई गई हैं। आज इन चौकियों से ज्यादातर कर्मचारी नदारद रहे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ का पानी से जगह-जगह जमा हो गया है। पानी में सड़ांध हो रही है। गांवों के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। कीटनाशक दवाओ का छिड़काव नहीं किया गया है।
बेलहिया से माधव का पूरा संपर्क मार्ग पर जो पुलिया पहले थी। उसके 2019 में बह जाने से आवागमन बाधित हो रहा है। नदी का जलस्तर घटने के बाद भी लोग पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं। मानिकपुर से अभ्भन पट्टी संपर्क मार्ग पर भी छोटी सरयू नदी की शाखा पर रपटा पुल बनाया गया था। वह अभी 2019 की बाढ़ में बह गया, यहां भी लोग जलस्तर घटने के बाद भी पानी से होकर लोग आवागमन कर रहे हैं