सगड़ी तहसील के देवारांचल में बाढ़ को देखते हुए लोग अपने नाव की तैयारी में जुट गए हैं। नदी डिघिया नाले पर खतरा बिंदु से मात्र 20 सेमी नीचे बह रही है। अगर नदी इसी तरह से बढ़ती रही तो सुबह तक खतरा बिंदु को पार कर जाएगी। लगातार चार दिनों से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कटान तेज हो गई है। गांव के संपर्क मार्ग टूट रहे हैं जिससे किसान चिंतित हैं। ऊपर से पानी डिस्चार्ज होने से घाघरा नदी में अभी दो-तीन दिन बढ़ाव होगा। क्षेत्र की ग्राम पंचायत उर्दिहा, सहबदिया में कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों में दहशत है। सहबदिया, उर्दिहा गांव के किसानों की जमीन कटती जा रही है। बांका ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान हीरालाल यादव का कहना है कि घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से हमारे गांव में नाव लगाने की जरूरत हो गई है। गांव का संपर्क मार्ग महुला गढ़वल बांध से टूट गया है। सबसे ज्यादा समस्या स्कूली छात्रों को हो रही है। स्कूली छात्रों को काफी दूर घूमकर अपने स्कूल पर जाना होता है। देवारा खास राजा गांव के प्रधान रामसिंगार यादव और सहबदिया गांव के प्रधान ने बताया कि गांव का संपर्क मार्ग महुला गढ़वल बांध से और पानी बढ़ा तो संपर्क टूट जाएगा। सहबदिया गांव के किसानों का आज भी 20 बीघा और उर्दिहा गांव के किसानों की 15 बीघा जमीन घाघरा की कटान में जा चुकी है। घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर बृहस्पतिवार की शाम चार बजे 70.56 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 36 सेंटीमीटर बढ़कर 70.92 मीटर पर पहुंच गया। बदरहुंआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाला का जलस्तर बृहस्पतिवार की शाम 69.85 मीटर था जो शुक्रवार को 35 सेमी बढ़कर 70.20 मीटर हो गया। यहां पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 और अधिकतम 72.59 मीटर है।